आरा,भोजपुर।
संवाददाता
माचा बाबा के परम शिष्य शशिबाबा के नेतृव में महिला समिति के सदस्यों सहित भक्तों व यजमानों द्वारा यज्ञाचार्य भोली बाबा के असामयिक वैकुंठवासी होने पर उनकी आत्मशांति के लिए गीता के 13 वें अध्याय का पाठ सामूहिक रूप से किया गया।
इसके बाद महाबीर मंदिर रमना आरा के उपाध्यक्षअविनाश यादव ऊर्फ लड्डू यादव के निर्देशन में शोक सभा की गई। लड्डू यादव ने कहा कि इस शहर के वें आध्यात्मिक गुरू थे। कर्मकाण्ड,ज्योतिष व धर्म के मर्मज्ञ थे।उक्त मौके महंत सुमन बाबा ने मल्यार्पण करते हुऐ कहा कि ब्राह्मण कुल में जन्म लेकर ब्राह्मत्व का पालन करते हुए शिवधाम में महामृत्युञ्य मंत्र सहित पलक झपकते चले जाना, ये तभी संभव है जब आप जन्म व कर्म से साधना में लीन हों।ऐसे ब्रह्म ज्ञानी के लिए शांति पाठ नहीं,अपने कल्याण के लिए मंगलकामना पाठ करना चाहिए। मुक्तेश्वर बाबा ने अपने गीत के माध्यम से शांतिपाठ सुनाया,उक्त अवसर पर ज्योति पाठक, लालती सिंह,उषा पाण्डेय,आशा देवी,बसंती देवी,मनोरमा पाण्डेय, लीला सिहं,अर्चना सिंह,उर्मिला सिंह,जया,सीमा,राधिका देवी, प्रतिमा देवी, प्रेमशीला देवी, सुनिता देवी आदि ने माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।