उत्तर प्रदेश: गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सूत्रों के अनुसार अतीक और अशरफ पर तीन बदमाशों ने फायरिंग की है. अतीक को गोली मारने वाले बदमाश मीडियाकर्मी बन कर आए थे. पुलिस ने तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है. गोली चलाने के बाद हमलावरों ने सरेंडर कर दिया. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है. इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जिसका नाम मान सिंह है. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
इस घटना के बाद प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई है. बताया जा रहा है कि घटना को लेकर सीएम योगी नाराज हैं औऱ इस मीटिंग में यूपी पुलिस के उच्च अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेंगे. सीएम ने डीजीपी और एडीजी को तलब किया है. फिलहाल मामले पर पुलिस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है. जल्द ही घटना को लेकर पुलिस के उच्च अधिकारी प्रेस कांफ्रेंस कर सकते हैं.
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पर योगी के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. योगी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बिना नाम लिए कहा कि पाप-पुण्य का हिसाब इसी जन्म में होता है. अतीक और अशरफ पुलिस की कस्टडी में थे. पुलिस टीम ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को लेकर आज कई जगहों पर छापेमारी की थी.
पुलिस टीम ने शहर के चकिया, कसारी मसारी और पीपल गांव इलाके में छापेमारी की थी. अतीक अहमद 2005 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड और इस साल फरवरी में हुए उमेश पाल हत्याकांड में भी आरोपी था. इससे पहले अतीक का बेटा असद अहमद 13 अप्रैल को झांसी में एक मुठभेड़ में मारा गया था, इसके साथ यूपी एसटीएफ ने शूटर गुलाम को भी मार गिराया था.
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कसारी मसारी इलाके में दो पिस्टल और 58 कारतूस बरामद किए थे. इसके साथ ही एक पिस्टल विदेशी और एक इंडियन भी थी. बरामद हुए 58 कारतूस में पांच पाकिस्तानी हैंय कसारी मसारी इलाके में अतीक और अशरफ की निशानदेही पर ही ये हथियार बरामद हुए हैं.