नेपाल में शुक्रवार रात 11:32 बजे 6.4 तीव्रता का भूकंप आया न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नेपाल में भूकंप के चलते करीब 141 लोगों की मौत हुई है। नेपाल में आए भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी महसूस किए गए। इसका केंद्र नेपाल में काठमांडू से 331 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर जमीन के नीचे था। भारत में भूकंप से अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
पटना सिस्मिक जोन 4 में, यहां खतरा थोड़ा कम
सीतामढ़ी, मधुवनी, सुपौल और दरभंगा समेत 8 जिले सिस्मिक जोन-5 में आते हैं, जो बेहद खतरनाक है। जबकि पटना भागलपुर सहित 24 जिले जोन 4 में आते हैं, जहां भूकंप का खतरा थोड़ा कम रहता है। वहीं, औरंगाबाद, बक्सर, कैमूर और रोहतास सहित 6 जिले जोन-3 में आते हैं। घर के अंदर जाने से डर लग रहा था
बगहा के रहने वाले संतोष कुमार श्रीवास्तव भूकंप आने के बाद नेशनल हाईवे 727 के किनारे खड़े हो गए। उन्होंने बताया कि ऐसा लगा की चौकी और पखा हिल रहा था। हम तुरंत घर से बाहर आ गए। पत्नी और बच्चों को भी बाहर निकाला। डर लग रहा था कहीं फिर से भूकंप ना आ जाए घर में जाने से डर लग रहा था। बगहा के ही राजदेव ने बताया कि हम घर में सोए हुए ये तभी भूकंप आ गया। झटके महसूस हो रहे थे चीजें हिल रही थी। घर से भाग कर बाहर आ गए, अभी भी डर लग रहा है।
नेपाल में भूकंप से तबाही की तस्वीरें….
तस्वीरें नेपाल के जाजरकोट की है।
तस्वीरें पश्चिमी रुकुम की है।
अब बाकी राज्यों में भूकंप का अपडेट जानिए….
MP के कई जिलों में भूकंप मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और रीवा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रदेश के आगर मालवा और मुरैना जिले के कुछ हिस्सों में भी धरती में कंपन महसूस किया गया। शुरुआती जानकारी में प्रदेश में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। हरियाणा में भी कांपी धरती।
हरियाणा के गुरुग्राम सहित कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लोग भूकंप के बाद के हालात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। इनमें पंखे और सीलिंग लाइट हिलती नजर आ रही है।
यूपी में भी भूकंप
यूपी में राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा,कासगंज सहित कई जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि अभी तक भूकंप की तीव्रता का पता नहीं चला है। गाजियाबाद के रहने वाले गोपाल ने बताया कि भूकंप के झटके 15 सेकंड से ज्यादा देर तक महसूस किए गए।
भूकंप क्यों आता है?
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी हैं। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती है और कई बार आपस में टकरा जाती है टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर में प्लेट्स टूटने लगती है। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टस के बाद भूकंप आता है।