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नोनार छठ घाट पर गंदगी का अंबार, व्रतियों को हो सकती है परेशानी

पीरो, संवाद सूत्र । लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर महानगरों से व्रतियों का आना शुरू हो गया है। आरा – सासाराम स्टेट हाईवे और पीरो करथ सड़क के बीच स्थित नोनार गांव में भक्तिमय माहौल बन गया है। गांवों में छठ पर्व के पारंपरिक गीत घरों में बजने लगे है। व्रत करने वाले महिला – पुरूष श्रद्धालु भगवान भास्कर की आराधना को लेकर तैयारी शुरू कर चुके है। नोनार गांव में बड़े आकार के तालाब के किनारे भगवान भास्कर का मंदिर अराधना का केन्द्र बन गया है। तालाब के किनारे गंदगी की साफ सफाई को लेकर पंचायत सचेत नहीं है। अनुमंडल प्रशासन की ओर से तालाब समेत घाट की सफाई को लेकर पंचायत और प्रखंड प्रबंधन को निर्देश दे दिये गये है। पंचायत की ओर से ध्यान नहीं दिये जाने के चलते श्रद्धालुओं में काफी मायूसी दिख रही है। गांव के युवा श्रमदान कर छठ घाट और तालाब की सफाई करते हैं, उन्ही पर श्रद्धालुओं की नजर टीकी हुई है। व्रतियों के आने जाने का रास्ता भी साफ नहीं है। कचरे का अंबार लगा हुआ है।

पांच हजार से अधिक आते हैं छठ व्रती

छठ पर अराधना के लिये 5 हजार से अधिक छठ व्रति नोनार गांव के छठ घाट और तालाब पर व्रत करने के लिए आते हैं। दूर दराज के गांवों से आने वाले व्रतियों के चलते मेला जैसा हुजूम उमड़ पड़ता है। पूजा के समय अनुमंडल प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाती है।

सूर्य मंदिर और घाट पर रहती है सक्रियता

लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ के दौरान नोनार गांव में छठ पूजा समिति के सदस्य घाट पर सक्रिय रहते हैं। भगवान भास्कर की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना से लेकर व्रतियों को गर्म पानी, अर्ध्य के लिए दूध, सुबह दातून और अन्य आवश्यक सामग्रियां कमेटी की ओर से उपलब्ध करायी जाती है। प्रसाद, शर्बत और चाय का व्यवस्था भी किया जाता है।

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